Friday, 17 June 2016
Terminate latter
Thursday, 26 May 2016
्फिरी मे अल्ट्रा-मॉडर्न ज्ञान::
अल्ट्रा-मॉडर्न ज्ञान::
किसी दिन भगवान ने याद कर लिया तो.. लेने के देने पड़ जायेंगे ।
किसी दूसरे काम के लिए बोलें ही नहीं”
जिसके पंडाल में गर्म पोहा, समोसा जलेबी और अदरक वाली चाय मिले।
वरना ज्ञान तो अब ऑनलाइन उपलब्ध है ।
वह पुरुष नहीं महापुरुष कहलाता है!
जब हम अपना फोन चार्जिंग से निकाल कर किसी और का फोन लगा दें ।
लेकिन लोग उसे ही याद करते हैं, जो उधार लेकर मरा हो ।
इंटरनेट पर उनका बेटा क्या डाउनलोड कर रहा है और… बेटी क्या अपलोड कर रही है ।
और ब्यूटी पार्लर में गयी महिला.. जल्दी वापस नहीं आते ।।
तो वह चीज… उसी शिद्दत से कुछ ज्यादा ही एटीट्यूड दिखाने लगती है।
मगर एक बुद्धिमान पति कहता है कि तुम्हारे लब जब खामोश रहते हैं तो चेहरा बेहद हसीन लगता है!
जब बीवी “नई” हो या बीवी “नहीं” हो!
बहुत सारी औरतें आपस में बात करती हैं फिर भी आवाज़ ही नहीं होती!
जितना लड़किया आजकल सेल्फी लेने के समय होठ निकालती है.
जिस दिन आपके यहाँ तुरई, करेला या कुंदरू की सब्जी बने उस दिन उसके घर जाकर खाना खा सको…।
लंबी लगी कतारें ।
सभी आदमी खड़े हुए थे,
कहीं नहीं थी नारें ।
था ये अचरज भारी ।
पता चला ब्यूटी पार्लर में,
पहुँच गई थी सारी।
एक एक पर भारी ।
बैठी थीं कुछ इंतजार में,
कब आएगी बारी ।
अक्ल बाँट दी सारी ।
ब्यूटी पार्लर से फुर्सत पाकर,
जब पहुँची सब नारी ।
नहीं अक्ल अब बाकी ।
रोने लगी सभी महिलाएं ,
नींद खुली ब्रह्मा की ।
ब्रह्मलोक के द्वारे ?
पता चला कि स्टॉक अक्लका,
पुरुष ले गए सारे ।
बहुत देर कर दी है ।
जितनीभी थी अक्ल वो मैंने,
पुरुषों में भर दी है ।
ये कैसा न्याय तुम्हारा?
कुछ भी करो हमें तो चाहिए.
आधा भाग हमारा ।
हम ठहरी अबलाएं ।
अक्ल हमारे लिए जरुरी ,
निज रक्षा कर पाएं ।
तब बोले ब्रह्मा जी ।
एक वरदान तुम्हे देता हूँ ,
अब हो जाओ राजी ।
रहे पुरुष पर भारी ।
कितना भी वह अक्लमंद हो,
अक्ल जायेगी मारी ।
मुश्किल बहुत होती है।
हंसने से ज्यादा महिलाये,
जीवन भर रोती है ।
रोना भी कर देगा ।
औरत का रोना भी नर की,
अक्ल हर लेगा ।
हंसना रोना नहीं आता ।
झगड़े में है सिद्धहस्त हम,
खूब झगड़ना भाता ।
यह भी बात तुम्हारी ।
झगडे के आगे भी नर की,
अक्ल जायेगी मारी ।
अंतिम वचन हमारा ।
तीन शस्त्र अब तुम्हे दिए.
पूरा न्याय हमारा ।
जो मानव नहीं फंसेगा ।निश्चित समझो,
उसका घर नहीं बसेगा ।
सुन लो बात हमारी ।
बिना अक्ल के भी होती है,
नर पर नारी भारी।
इन लड़कियों का बस नहीं चलता..
भईया इसमें कोई और कलर दिखाना ।
पत्नी बोलेगी, पति सुनेगा
पति बोलेगा और पत्नी सुनेगी और sunday को बच्चे बोलेगा और दोनो सुनेंगे घरेलू समस्या पर भी पहल होनी चाहिए
जीवन के ध्वनि प्रदूषण का भी हल होना चाहिए।
जो आदमी रोज शराब पीकर आये उसके लिए मेरे मन में कोई हमदर्दी नहीं है..!
जिसको रोज शराब मिल जाये, उसे तुम्हारी हमदर्दी की जरुरत भी नहीं है!
मैं शहर का शायर हूँ, MRF का टायर नहीं!
अब कैसे पता करूँ कि कौनसी वाली याद कर रही है..
“मजाक था यार”
“मुझे कोई फर्क नही पङता”
“Its ok”
“मुझे अकेला छोङ दो”
“पता नही”
खामोश रहता है…
तो आज नही खोलना पङता औजारों के साथ..!!
पर गाड़ी धीरे नही करेगें..!
चाहे कार में हो या बाइक पर…
इतना स्टाइल से सीने पे हाथ रख कर अपना सर झुकाता है…
करती अपनी मनमानी है
काम बताओ तो चिड जाएगी
शॉपिंग कराओ तो खिल जायेगी!!
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ये केलकुलेशन आपको बताएगी की आपको अपना पैसा कहा लगाना है …?
निचे दिए गए अंको में से कोई भी एक अंक चुने।
2. सोना
3. F.D.
4. Business
5. Shares
6. P.P.F.
7. R.D.
8. N.S.C.
9. Mere ko de do.
10.mutual fund by
11. Company deposit
कुंवारा लड़का:
मुझे शादी नहीं करनी।
मुझे सभी औरतों से डर लगता है।
कर ले बेटा।
फिर एक ही औरत से डर लगेगा।
बाकि सब अच्छी लगेंगी।
देखना पकोड़ी एक एक कर ही तलना वरना क़ोई कच्ची कोई पक्की रह जायेगी ।
और भिन्डी एक एक कर धोना और फिर टॉवेल से पोंछ कर एक एक कर काटना ।
और धनिया की एक एक पत्ती तोड़ कर धोना ।
बहु दो चार दिन परेशां रही फिर पांचवे दिन
मांजी आप ये सब्जी देखो तब तक मैं नहाकर आती हूँ।
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समझदार वह व्यक्ति नहीं,
जो ईंट का जवाब पत्थर से दे…
समझदार वह है,
जो फेंकी हुई ईंट से अपना आशियाना बना ले
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वहां से लालूजी ने 3 चॉकलेट चुरा लीं।
जब दोनों बाहर निकले,
देख, मैं कितना चालाक हूं!
मैंने दुकान से 3 चॉकलेट चुरा कर अपनी जेब में डाल लीं और किसी को पता भी नहीं चला।
फिर दोनों वापस दुकान में गए…
मैं तुम्हें एक जादू दिखाना चाहता हूं।
फिर उन्होने दोबारा एक चॉकलेट मांगी।
दुकानदार ने दूसरी चॉकलेट, वह उसे भी खा गये।
तीसरी चॉकलेट मांगी और वह भी खा ली।
तुम्हें तुम्हारी तीनों चॉकलेट वापस मिल जाएंगी
एक Comedianने सभी को एक बहोत ही जबरदस्त जोक्स सुनाया…
सब लोग बहुत खुश हुए… बहोत हँसे…
उस Comedianने दोबारा वही जोक्स सुनाया…
अब कोई नहीं हँसा…
तीसरी बार भी वोही जोक्स सुनाया…
अभी भी कोई नहीं हँसा…
सब लोग सोचने लगे की ये Comedian पागल तो नहीं हो गया है, एक ही जोक्स बारबार सुना रहा है…
.Comedian – मुझे पता है आप मुझे पागल समझ रहे होगे,
पर मेरा आप सब यह Massage है, कि
“हम अगर एक ही खुशी को लेकर बारबार खुश नहीं हो सकते,
तो एक ही दुःख (ग़म) को लेकर बारबार क्यों दुःखी होते है ?”
तालीयों की बारिश होने लगी
Thursday, 10 March 2016
नाटय कामेडी
मालाबती:- एक बडे ही नटखट बच्चे को समभालने मे मजबुर थी।
और बो बालक बहुत-बहुत रोते जा रहा था।
पति:- आते हि बोलता है। अरे भाग्यवान कुछ खाना-पीना बनाए कि नहीं।
मालाबती:- अरे का खाना-पीना बनाबे हमारी करमे फूटल है। कि नलायक बेटा पैदा लिया। कखनो चुप होवे के नामों नैय ले रहा है।
<<बेटा को अपनी ने गोद मे लेकर>>>>
दुलारते हुऐ।
पति :- चुप हो जा मेरे लाल। बोलो का चाहिए तुम्हें।
बेटा :- बाबू जी हमको ईख चाहिए।
बाप अपने नौकर को आदेश देता है और बोलता है जाओ मेरे बेटे के लिए ईख लेकर आओ।
💐💐💐💐ईख लाता है।💐 💐💐
बाप:- अब चुप हो जा मेरे लाल
तो बच्चा के फुटानी यहां पर।
बेटा :- बाबू जी इ का हमरा बुडबक बना रहे हो का।
इ बास का लाठी है। हमको पता लगा हुआ है ईख चाहिए।
बाप:- पुनः अपने नौकर को आदेश देता है कि मेरे बेटे के लिए पता सहित ईख लाकर दो।
💐💐पता बाला ईख लाकर देता है। 💐💐
बाप :-अब चुप हो जा मेरे लाल।
<<>>>> बेटा रोते रहता है। <<<>>>>>
बाप :- अब का
िए तुम्हें।
बेटा :- बाबू जी हमको एक चुका है लाकर दिजिये।
बाप अपने नौकर को आदेश देता है और बोलता है जाओ मेरे बेटे के लिए चुका लेकर आओ।
👌👌👌चुका लाता है।👌👌👌
<<<>>>बेटा रोते रहता है<<<>>>
बाप:- अब चुप हो जा मेरे लाल अब का चाहिए।
बेटा :- बाबू जी हमको एगो हाथी लाकर दो।
बाप अपने नौकर को आदेश देता है और बोलता है जाओ मेरे बेटे के लिए एक हाथी लेकर आओ।
😊😊😊😊हाथी लाता है।😉😉😉😉
<<<>>>बेटा फिर भी रोते रहता<<<>>>>>
बाप:- अब चुप हो जा मेरे लाल अब का चाहिए।
बेटा :- बाबू जी ई हथिया के चुका मे घुसा दा।
बाप गुस्सा मे आग बबुला होते हुए
एक पटका मारते हुए
बाप :- का रे तुही एगो चिल्का पैदा लिया है
और अपनी औरत को बोलता है। लो संभाल अपनी नलायक औलाद को।
समाप्त
रौशन कुमार वजीरगंज
Thursday, 3 March 2016
चुहे का शेहरा
चूहे का सेहरा सुहाना लगता है
चुहिया का तो दिल दिवाना लगता है
पल भर में ऐसे कुतरते हैं कपडे
अब तो हर कपडा पुराना लगता है…….
सात रंगो से बना कपडों का ये संगम
काट देते हैं ये कपड़े बनकर के सिंघम
हर कपड़ा सिंघम से बचाना पड़ता है
कपड़ो का अब तो तकिया बनाना पड़ता है!!
रौशन कुमार
कौन कहता है शराब गलत लत है।
एक समय की बात है, करंटपुरा नामक कस्बे में दो दोस्त रहा करते थे। पहला जबर्दस्त पियक्कड़ और दूसरा भला इंसान। दूसरा हमेशा पहले को समझाता रहता था।
कुछ समय बाद दूसरा दोस्त कामकाज के सिलसिले में कस्बे से शहर जा पहुंचा। कुछ समय कमाई-धमाई की, फिर वापस गांव लौटा। अपनी नई साइकिल के पैडल मारते हुए सीधे अपने दोस्त के घर पहुँचा। पहला हमेशा की तरह धुत्त मिला।
दूसरे ने पूछा, “और क्या चल रहा है?”
पहला बोला, “कुछ नहीं बस, पी रहे हैं.. जी रहे हैं… तुम सुनाओ।”
दूसरा बोला, “बस, बढ़िया, शहर में कामकाज चल निकला है। साइकिल खरीद ली है, तुम साले सुधर जाओ।”
और पैडल मारते हुए वापस शहर की तरफ निकल लिया।
कुछ दिनों बाद फिर शहर से कस्बे में पहुंचा। इस बार स्कूटर पर था। सीधे दोस्त के घर का रास्ता लिया। वहां फिर वही क्या चल रहा है? वही पी रहे हैं, जी रहे हैं… सुधर जाओ टाइप बातें हुईं। फिर दूसरे ने स्कूटर को किक लगाई और फिर शहर की दिशा में वापस हो लिए।
इस बार दूसरा कुछ महीनों बाद कस्बे में पहुंचा। इस बार कार में था। सीधे दोस्त के घर का रास्ता लिया। पता चला कि वो घर पर नहीं हैं, खेत गया हुआ है। तो दूसरे ने कार सीधे खेत की दिशा मे दौड़ा दी। वहां पहुंचा तो देखता क्या है कि पहला खेत के बीचों-बीच खाट पर बैठ पी रहा है। पास में ही एक हेलिकॉप्टर खड़ा है। दूसरा सीधे अपने दोस्त के पास जा पहुँचा और वही पुरानी बातचीत शुरू हो गई, “और क्या चल रहा है?”
पहला बोला, “बस, कुछ नहीं यार, वही पी रहे हैं, जी रहे हैं… पीते-पीते बोतलें ज्यादा इकट्ठी हो गईं तो बेचकर हेलिकॉप्टर खरीद लिया और पार्किंग के लिए खेत भी खरीद लिया है, और तुम सुनाओ।”
दूसरा वहीं बेहोश हो गया।
Raushan kumar
Comedy huste raho
जैसे सरकारी स्कूल के छात्र हो. …
पर उनका रजिस्टर में नाम जरूर होता है….
एक बिल्ली मेरा रास्ता काट गई..
मैं वहीँ रुक गया..
अबे निकल जा.. तेरी तो शादी हो चुकी हे…
अब इससे बुरा तेरा क्या होगा….
तू पूरा साल नहीं पढता और
Exams आते ही किताबों में लग जाता है, क्यों?..
क्योकीं लहरों का सुकून तो सभी को पसंद है,
लेकिन तुफानो में किश्ती निकालने का मजा ही कुछ और है।
“इधर आ.. “कुत्ते”.
तुझे मैं बनाती हूँ “टाइटैनिक का ड्राईवर”…
बटन दबाओ
और जमीन पर सुरक्षित पहुंच जाओ…
क्या सबूत है कि जब एक्सीडेंट हुआ, तब तुम कार तेज़ नहीं चला रहे थे?
साहब, मैं अपनी पत्नी को लेने ससुराल जा रहा था
ओह्हो, छोड़ दो इस मासूम को, ऐसे समय कोई भी गाड़ी तेज़ नहीं चला सकता .
और मोहित होकर बोली—” I LOVE YOU. ”
और बोला—” पाँच वक्त की नमाज पढ़ा करो।
प्यार मुहब्बत में कुछ नहीं रखा।
इस कागज़ पर एक दुआ लिखकर दे रहा हूँ,
इसे सोने से पहले रोज पढ़ लिया करो। ”
( लड़के ने कागज़ लिखकर लड़की को पकड़ाया,
बस आई और वो निकल गया )
उसमे लिखा था—” अक्ल की अंधी, पिटवाएगी क्या ?
पीछे मेरी बीवी खड़ी थी। ये मेरा मोबाइल नंबर है।
सेव कर ले। फोन पर बात करेंगे, और हाँ….I LOVE U 2 ”
अगले चुनाव में कांग्रेस 90% सीट जीतेगी और 2019 से 2049 तक तुम ही पीएम रहोगे |
उसके बिस्तर के पास खड़े थे।
बेटा, तू मेरे मिलेनियम सिटी वाले
15 बंगले ले ले।
बेटी, तू सोनीपत सेक्टर 14 के बंगले ले ले।
तू सबसे छोटा है और मुझे सबसे ज्यादा
प्यारा भी है, इसलिए तुझे मैं ग्रीन पार्क की
20 दुकानें देता हूं।
अपनी पत्नी से बोला:
मेरे बाद तुम्हें पैसों के लिए
किसी का मुंह न ताकना पड़े,
इसलिए डीएलएफ वाले 12 फ्लैट तुम अपने पास रख लो, पास में खड़ी नर्स यह सब सुनकर
आदमी की पत्नी से बोली:
आप बहुत भाग्यशाली हैं कि आपको इतने अमीर पति मिले,
जो इतनी सारी जायदाद देकर जा रहे हैं।
कौन अमीर? कैसी जायदाद?
अरे, ये दूधवाले हैं…
हम सबको सुबह-सुबह दूध पहुंचाने की जिम्मेदारियां बांट रहे हैं!!!!
सालो! तुम्हारी बीवी थोडे ही उठायी थी जो हर साल जलाते हो ।
हमारी नहीं उठायी थी इसलिए ही तो जलाते हैं…..!
कविता और निबंध मैं क्या अंतर है
प्रेमिका के मुंह से निकला एक शब्द भी कविता होता है
और
पत्नी का एक ही शब्द निबंध के समान होता है
गला भर आया..
उन्होने उस लड़के को क्लास का मानीटर बनाया ।
“आई लव यू, अब तुम मुझे बोलो..”
“मैं अभी जा कर सर को बोलती हूँ” :-X
“पगली सर को मत बोल,
उनकी तो शादी हो गयी है”
पहचाना..?? मैँ आपका शिष्य कल्लू बोल रहा हूँ।
मेरी याद कैसे आ गई ?? …
और मेरा फोन नम्बर कैसे मिल गया??
जब प्यासे को प्यास लगती है तो जलस्रोत ढ़ुंढ़ ही लेता है। …
दरअसल गुरू जी हमने एक नया रोजगार शुरू किया है। …
और आपने बचपन मेँ कहा था की जब
भी कोई काम शुरू करना हमसे उदघाटन जरूर कराना।
तो हम अपने काम का उदघाटन आपसे ही कराना चाहते है।
गुरूजी ! आप पुराने खंडहर के पास चार लाख रूपया लेके आ जाईये। ..
आपका ‘छोटूवा’ हमरे कब्जे मेँ है।
आज से ही ‘अपरहण’ का धंधा चालू किया तो सोचा की ‘उदघाटन’ आपके शुभ हाथो से ही हो। ऐ
यार रोज पहनने वाला दिखाओ,
पार्टीवियर नहीं चाहिए।
फिर अपने आप दिख जायेगी
